इंटरनेशनल बिजनेस मशीन (आईबीएम) कॉरपोरेशन का दो अलग-अलग पब्लिक कंपनियों में बंटवारा होने जा रहा है। कंपनी की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ज्यादा मार्जिन वाले क्लाउड कंप्यूटिंग कारोबार के लिए यह बंटवारा होने जा रहा है। आईबीएम 2021 के अंत तक इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विस यूनिट को नए नाम के साथ अलग कंपनी के रूप में लिस्ट करेगी। नई यूनिट ग्लोबल टेक्नोलॉजी सर्विस डिविजन का हिस्सा होगी। इसके पास 4600 क्लाइंट और 60 बिलियन डॉलर का ऑर्डर बैकलॉग होगा।

आईबीएम के भविष्य को फिर से परिभाषित कर रहे हैं: अरविंद

एनालिस्ट्स से बातचीत में आईबीएम के चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) अरविंद कृष्ण ने कहा कि हमारी कंपनी के लिए आज का दिन लैंडमार्क-डे है। हम आईबीएम को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। आईबीएम को रिवाइव करने का यह अरविंद के कार्यकाल का सबसे बड़ा प्रयास है। इसके जरिए आईबीएम हाइब्रिड-क्लाउड सॉफ्टवेयर सेक्टर में लीडिंग कंपनी बनना चाहती है। अरविंद कृष्ण ने कहा कि कंपनी के पास दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण संगठनों के इंफ्रास्ट्रक्चर को डिजाइन, चलाने और आधुनिक बनाने की अधिक क्षमता होगी।

आईबीएम ने क्लाउड ग्रोथ पर शिफ्ट किया फोकस

आईबीएम ने हाल के वर्षों में अपना फोकस क्लाउड ग्रोथ पर शिफ्ट किया है। कंपनी ने अपनी धीमी सॉफ्टवेयर बिक्री में तेजी लाने और सीजनल डिमांड को पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। कृष्ण का कहना है कि अलग होने के बाद आईबीएम के रेवेन्यू में सॉफ्टवेयर और सॉल्यूशंस पोर्टफोलियो की महत्वपूर्ण भागीदारी होगी। आईबीएम के एक्जीक्यूटिव चेयरमैन गिन्नी रोमैटी का कहना है कि हमने कंपनी को नए युग के हाइब्रिड क्लाउड के लिए स्थापित किया है।

संकट का सामना कर रहा है आईबीएम का सर्विसेज कारोबार

इस समय आईबीएम का सर्विसेज कारोबार संकट का सामना कर रहा है। कोरोना के कारण कंपनी के कई क्लाइंट्स ने इंफॉर्मेशन तकनीक और सॉफ्टवेयर अपग्रेड की खरीदारी में देरी की है। इसके अलावा कंपनियों ने कारोबार को नया स्वरूप देने के लिए हजारों नौकरियों में भी कटौती की है। बयान के मुताबिक, अलग होने के बाद भी दोनों कंपनियां संयुक्त रूप से तिमाही डिविडेंड देंगी।



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कोरोना के कारण आईबीएम के कई क्लाइंट्स ने इंफॉर्मेशन तकनीक और सॉफ्टवेयर अपग्रेड की खरीदारी में देरी की है।


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