काठमांडू नेपाल में पिछले दो महीने से चले आ रहे राजनीतिक गतिरोध का शनिवार को अंत हो गया। नेपाल की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली और उनके विरोधी पुष्प कमल दहल प्रचंड के बीच मतभेदों को सुलझा लिया। पार्टी ने दोनों के बीच अधिकारों के बंटवारे का समझौता कराके इस विवाद को समाप्त कराया। हालांकि दोनों नेताओं के बीच यह दोस्ती कब तक रहेगी, इसको लेकर पार्टी नेताओं के मन में अभी से संदेह के बादल उमड़ रहे हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (सीपीएन) के प्रवक्ता नारायण काजी श्रेष्ठ ने कहा कि पार्टी की 13 सदस्यीय शक्तिशाली स्थायी समिति की बैठक बालूवतार में प्रधानमंत्री के सरकारी आवास पर हुई जिसमें राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से नेपाल तथा भारत के बीच सीमा विवाद के समाधान का भी फैसला किया गया। अधिकारी ने कहा कि बैठक में ओली और प्रचंड के बीच कार्य विभाजन तय किया गया। पुष्प कमल दहल पूरे अधिकारों के साथ पार्टी के अध्यक्ष प्रचंड पूरे अधिकारों के साथ पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष रहेंगे तथा पार्टी मामलों को देखेंगे, वहीं ओली सरकार के मामलों पर ध्यान देंगे। श्रेष्ठ ने कहा, ‘पार्टी स्थापित दिशानिर्देशों के आधार पर चलेगी। हालांकि सरकार को राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर फैसला लेते समय पार्टी के भीतर परामर्श करने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व सरकार के रोजाना के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। कम्युनिस्ट पार्टी के यूनिटी जनरल कन्वेंशन को अगले साल सात अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच काठमांडू में आयोजित करने का फैसला किया गया। पार्टी की केंद्रीय कार्य समिति की बैठक 31 अक्टूबर को बुलाई जाएगी। बैठक में ओली तथा प्रचंड द्वारा सीपीएन में आंतरिक कलह को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किये गये 15 पन्नों के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया।
from World News in Hindi, दुनिया न्यूज़, International News Headlines in Hindi, दुनिया समाचार, दुनिया खबरें, विश्व समाचार | Navbharat Times https://ift.tt/3k462wW
0 Comments